Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.66.8: 'भगवन्! निमिषे के ज्येष्ठ पुत्र राजा देवरात के नाम से विख्यात थे। उन्हीं महात्मा के हाथ में यह धनुष धरोहरस्वरूप दिया गया था। 8॥   |   ramayan सर्ग 1.66: राजा जनक का विश्वामित्र और राम लक्ष्मण का सत्कार, धनुष का परिचय देना और धनुष चढ़ा देने पर श्रीराम के साथ ब्याह का निश्चय प्रकट करना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 66: राजा जनक का विश्वामित्र और राम लक्ष्मण का सत्कार, धनुष का परिचय देना और धनुष चढ़ा देने पर श्रीराम के साथ ब्याह का निश्चय प्रकट करना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.66.8 
देवरात इति ख्यातो निमेर्ज्येष्ठो महीपति:।
न्यासोऽयं तस्य भगवन् हस्ते दत्तो महात्मन:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
'भगवन्! निमिषे के ज्येष्ठ पुत्र राजा देवरात के नाम से विख्यात थे। उन्हीं महात्मा के हाथ में यह धनुष धरोहरस्वरूप दिया गया था। 8॥
 
'Lord! Nimike's eldest son was famous by the name of Raja Devarat. This bow was given as a heritage in the hands of the same Mahatma. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)