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ramayan 1.66.23-24h: तब मैंने तपस्या द्वारा समस्त देवताओं को प्रसन्न करने का प्रयत्न किया। देवता प्रसन्न हुए और मुझे चतुर्भुज सेना प्रदान की॥23 1/2॥   |   ramayan सर्ग 1.66: राजा जनक का विश्वामित्र और राम लक्ष्मण का सत्कार, धनुष का परिचय देना और धनुष चढ़ा देने पर श्रीराम के साथ ब्याह का निश्चय प्रकट करना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 66: राजा जनक का विश्वामित्र और राम लक्ष्मण का सत्कार, धनुष का परिचय देना और धनुष चढ़ा देने पर श्रीराम के साथ ब्याह का निश्चय प्रकट करना  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  1.66.23-24h 
ततो देवगणान् सर्वांस्तपसाहं प्रसादयम्॥ २३॥
ददुश्च परमप्रीताश्चतुरंगबलं सुरा:।
 
 
अनुवाद
तब मैंने तपस्या द्वारा समस्त देवताओं को प्रसन्न करने का प्रयत्न किया। देवता प्रसन्न हुए और मुझे चतुर्भुज सेना प्रदान की॥23 1/2॥
 
‘Then I tried to please all the gods through penance. The gods were very pleased and gave me a four-fold army.॥ 23 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)