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ramayan 1.66.19-20h: महामुनि! उन महाबली राजाओं का पराक्रम बहुत कम जानकर मैंने अपनी कन्या उन्हें देने से इन्कार कर दिया। तपधान! इसके बाद जो घटना घटी, उसे आप सुनिए।॥19 1/2॥   |   ramayan सर्ग 1.66: राजा जनक का विश्वामित्र और राम लक्ष्मण का सत्कार, धनुष का परिचय देना और धनुष चढ़ा देने पर श्रीराम के साथ ब्याह का निश्चय प्रकट करना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 66: राजा जनक का विश्वामित्र और राम लक्ष्मण का सत्कार, धनुष का परिचय देना और धनुष चढ़ा देने पर श्रीराम के साथ ब्याह का निश्चय प्रकट करना  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  1.66.19-20h 
तेषां वीर्यवतां वीर्यमल्पं ज्ञात्वा महामुने॥ १९॥
प्रत्याख्याता नृपतयस्तन्निबोध तपोधन।
 
 
अनुवाद
महामुनि! उन महाबली राजाओं का पराक्रम बहुत कम जानकर मैंने अपनी कन्या उन्हें देने से इन्कार कर दिया। तपधान! इसके बाद जो घटना घटी, उसे आप सुनिए।॥19 1/2॥
 
‘Mahamuni! Knowing very little power of those mighty kings, I refused to give my daughter to them. Tapadhan! Please listen to the incident that happened after this.॥ 19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)