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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 66: राजा जनक का विश्वामित्र और राम लक्ष्मण का सत्कार, धनुष का परिचय देना और धनुष चढ़ा देने पर श्रीराम के साथ ब्याह का निश्चय प्रकट करना  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  1.66.17-18h 
तत: सर्वे नृपतय: समेत्य मुनिपुंगव॥ १७॥
मिथिलामप्युपागम्य वीर्यं जिज्ञासवस्तदा।
 
 
अनुवाद
'हे मुनि! तब सभी राजा एकत्रित होकर मिथिला में आये और पूछने लगे कि राजकुमारी सीता को प्राप्त करने के लिए कौन सा करतब निश्चित किया गया है।
 
'O sage! Then all the kings came together to Mithila and started asking which feat has been decided to obtain Princess Sita.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)