Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.66.12-13h: 'उन्होंने प्रसन्न होकर उन समस्त महामनस्वी देवताओं को यह धनुष प्रदान किया। यह देवाधिदेव महात्मा भगवान शंकर का धनुष-मणि है, जो मेरे पूर्वज महाराज देवरात के पास धरोहरस्वरूप रखा हुआ था। 12 1/2॥ | ramayan सर्ग 1.66: राजा जनक का विश्वामित्र और राम लक्ष्मण का सत्कार, धनुष का परिचय देना और धनुष चढ़ा देने पर श्रीराम के साथ ब्याह का निश्चय प्रकट करना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'उन्होंने प्रसन्न होकर उन समस्त महामनस्वी देवताओं को यह धनुष प्रदान किया। यह देवाधिदेव महात्मा भगवान शंकर का धनुष-मणि है, जो मेरे पूर्वज महाराज देवरात के पास धरोहरस्वरूप रखा हुआ था। 12 1/2॥
'Being pleased, he offered this bow to all those great minded gods. This is the bow-gem of Devadhidev Mahatma Lord Shankar, which was kept as a heritage with my ancestor Maharaj Devarat. 12 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥