Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.65.27: इस प्रकार परम ब्रह्म पद प्राप्त करके पुण्यात्मा विश्वामित्र ने भी मन्त्र जपने वालों में श्रेष्ठ ब्रह्मर्षि वशिष्ठ की आराधना की॥27॥ | ramayan सर्ग 1.65: विश्वामित्र की घोर तपस्या, उन्हें ब्राह्मणत्व की प्राप्ति तथा राजा जनक का उनकी प्रशंसा करके उनसे विदा ले राजभवन को लौटना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार परम ब्रह्म पद प्राप्त करके पुण्यात्मा विश्वामित्र ने भी मन्त्र जपने वालों में श्रेष्ठ ब्रह्मर्षि वशिष्ठ की आराधना की॥27॥
In this way, after attaining the highest Brahman status, the virtuous Vishwamitra also worshiped Brahmarshi Vashishtha, the best among those who chant mantras. 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥