Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.65.11: 'भगवन्! महामुनि विश्वामित्र को लोभ और क्रोध में डालने के लिए नाना प्रकार के यन्त्रों द्वारा प्रयत्न किए गए; किन्तु अपनी तपस्या के प्रभाव से वे निरन्तर आगे बढ़ते जा रहे हैं॥11॥ | ramayan सर्ग 1.65: विश्वामित्र की घोर तपस्या, उन्हें ब्राह्मणत्व की प्राप्ति तथा राजा जनक का उनकी प्रशंसा करके उनसे विदा ले राजभवन को लौटना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'भगवन्! महामुनि विश्वामित्र को लोभ और क्रोध में डालने के लिए नाना प्रकार के यन्त्रों द्वारा प्रयत्न किए गए; किन्तु अपनी तपस्या के प्रभाव से वे निरन्तर आगे बढ़ते जा रहे हैं॥11॥
'God! Attempts were made through various types of instruments to make the great sage Vishwamitra greedy and angry; But due to the effect of his penance, he is continuously moving forward. 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥