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ramayan 1.61.7: हे राजन! यहाँ लाया गया पशु आपकी कुनीति के कारण नष्ट हो गया। हे मनुष्यों के स्वामी! जो राजा यज्ञ के पशु की रक्षा नहीं करता, वह अनेक प्रकार के दोषों से नष्ट हो जाता है।   |   ramayan सर्ग 1.61: विश्वामित्र की पुष्कर तीर्थ में तपस्या तथा राजर्षि अम्बरीष का ऋचीक के मध्यम पुत्र शुनःशेप को यज्ञ-पशु बनाने के लिये खरीदकर लाना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 61: विश्वामित्र की पुष्कर तीर्थ में तपस्या तथा राजर्षि अम्बरीष का ऋचीक के मध्यम पुत्र शुनःशेप को यज्ञ-पशु बनाने के लिये खरीदकर लाना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.61.7 
पशुरभ्याहृतो राजन् प्रणष्टस्तव दुर्नयात्।
अरक्षितारं राजानं घ्नन्ति दोषा नरेश्वर॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! यहाँ लाया गया पशु आपकी कुनीति के कारण नष्ट हो गया। हे मनुष्यों के स्वामी! जो राजा यज्ञ के पशु की रक्षा नहीं करता, वह अनेक प्रकार के दोषों से नष्ट हो जाता है।
 
‘O King! The animal that was brought here was lost because of your bad policy. O Lord of men! The king who does not protect the sacrificial animal is destroyed by many types of faults. 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)