Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.61.6: जब वे यज्ञ कर रहे थे, तब इन्द्र ने उनका यज्ञपशु चुरा लिया। पशु के खो जाने पर पुरोहित ने राजा से कहा -॥6॥   |   ramayan सर्ग 1.61: विश्वामित्र की पुष्कर तीर्थ में तपस्या तथा राजर्षि अम्बरीष का ऋचीक के मध्यम पुत्र शुनःशेप को यज्ञ-पशु बनाने के लिये खरीदकर लाना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 61: विश्वामित्र की पुष्कर तीर्थ में तपस्या तथा राजर्षि अम्बरीष का ऋचीक के मध्यम पुत्र शुनःशेप को यज्ञ-पशु बनाने के लिये खरीदकर लाना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.61.6 
तस्य वै यजमानस्य पशुमिन्द्रो जहार ह।
प्रणष्टे तु पशौ विप्रो राजानमिदमब्रवीत्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
जब वे यज्ञ कर रहे थे, तब इन्द्र ने उनका यज्ञपशु चुरा लिया। पशु के खो जाने पर पुरोहित ने राजा से कहा -॥6॥
 
While they were engaged in performing a sacrifice, Indra stole their sacrificial animal. When the animal was lost, the priest said to the king -॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)