Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.61.4: ऐसा कहकर वे महाबली मुनि पुष्कर को चले गए और वहाँ कंद-मूल और फल खाकर घोर एवं कठिन तप करने लगे॥4॥   |   ramayan सर्ग 1.61: विश्वामित्र की पुष्कर तीर्थ में तपस्या तथा राजर्षि अम्बरीष का ऋचीक के मध्यम पुत्र शुनःशेप को यज्ञ-पशु बनाने के लिये खरीदकर लाना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 61: विश्वामित्र की पुष्कर तीर्थ में तपस्या तथा राजर्षि अम्बरीष का ऋचीक के मध्यम पुत्र शुनःशेप को यज्ञ-पशु बनाने के लिये खरीदकर लाना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  1.61.4 
एवमुक्त्वा महातेजा: पुष्करेषु महामुनि:।
तप उग्रं दुराधर्षं तेपे मूलफलाशन:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर वे महाबली मुनि पुष्कर को चले गए और वहाँ कंद-मूल और फल खाकर घोर एवं कठिन तप करने लगे॥4॥
 
Saying this, the great sage of immense power went to Pushkar and there, eating roots and fruits, he began performing severe and difficult to conquer penance. ॥4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)