Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.61.13-14h: सबसे पहले उन्होंने ऋषि ऋचीक से अपनी समस्त सम्पत्ति का कुशल-क्षेम पूछा और फिर बोले, 'हे महाभृगुनंदन! यदि आप एक लाख गौएँ ले लें और अपने किसी पुत्र को बेचकर उसे गौचारण बना लें, तो मैं आपका बहुत आभारी रहूँगा॥13 1/2॥ | ramayan सर्ग 1.61: विश्वामित्र की पुष्कर तीर्थ में तपस्या तथा राजर्षि अम्बरीष का ऋचीक के मध्यम पुत्र शुनःशेप को यज्ञ-पशु बनाने के लिये खरीदकर लाना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सबसे पहले उन्होंने ऋषि ऋचीक से अपनी समस्त सम्पत्ति का कुशल-क्षेम पूछा और फिर बोले, 'हे महाभृगुनंदन! यदि आप एक लाख गौएँ ले लें और अपने किसी पुत्र को बेचकर उसे गौचारण बना लें, तो मैं आपका बहुत आभारी रहूँगा॥13 1/2॥
First of all, he asked Rishi Richik about the well-being of all his belongings and then said, 'O great Bhrigu Nandan! If you take one lakh cows and sell one of your sons to make him a cattle, then I will be very grateful.॥ 13 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥