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अयं राजा महाभाग गुरुशापपरिक्षत:।
सशरीरो दिवं यातुं नार्हत्येव तपोधन॥ २५॥
अनुवाद
'महाभाग! यह राजा गुरु त्रिशंकु के शाप से पुण्य नष्ट होकर चाण्डाल हो गया है; अतः तपोधन! यह शरीर कभी स्वर्ग जाने योग्य नहीं है।
'Mahabhaag! This king has become a Chandal after destroying his virtue due to the curse of Guru Trishanku; Hence Tapodhan! This body never deserves to go to heaven.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥