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ramayan 1.60.16-17h: त्रिशंकु को समस्त देवताओं सहित स्वर्ग में पहुँचा देखकर इन्द्र ने उनसे इस प्रकार कहा - 16 1/2॥   |   ramayan सर्ग 1.60: ऋषियों द्वारा यज्ञ का आरम्भ, त्रिशंकु का सशरीर स्वर्गगमन, इन्द्र द्वारा स्वर्ग से उनके गिराये जाने पर क्षुब्ध हुए विश्वामित्र का नूतन देवसर्ग के लिये उद्योग   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 60: ऋषियों द्वारा यज्ञ का आरम्भ, त्रिशंकु का सशरीर स्वर्गगमन, इन्द्र द्वारा स्वर्ग से उनके गिराये जाने पर क्षुब्ध हुए विश्वामित्र का नूतन देवसर्ग के लिये उद्योग  »  श्लोक 16-17h
 
 
श्लोक  1.60.16-17h 
स्वर्गलोकं गतं दृष्ट्वा त्रिशङ्कुं पाकशासन:॥ १६॥
सह सर्वै: सुरगणैरिदं वचनमब्रवीत्।
 
 
अनुवाद
त्रिशंकु को समस्त देवताओं सहित स्वर्ग में पहुँचा देखकर इन्द्र ने उनसे इस प्रकार कहा - 16 1/2॥
 
Seeing Trishanku reaching heaven along with all the gods, Indra said to him thus - 16 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)