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श्लोक  1.6.27 
तां पुरीं स महातेजा राजा दशरथो महान्।
शशास शमितामित्रो नक्षत्राणीव चन्द्रमा:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
जैसे चन्द्रमा नक्षत्रों का स्वामी है, वैसे ही पराक्रमी राजा दशरथ अयोध्यापुरी पर राज्य करते थे। उन्होंने अपने समस्त शत्रुओं का नाश कर दिया था॥ 27॥
 
Just as the moon rules the constellations, similarly the mighty King Dasharatha ruled Ayodhyapuri. He had destroyed all his enemies.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)