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श्लोक  1.6.21 
योधानामग्निकल्पानां पेशलानाममर्षिणाम्।
सम्पूर्णा कृतविद्यानां गुहा केसरिणामिव॥ २१॥
 
 
अनुवाद
उनके महान पराक्रम के कारण वह नगर सदैव ऐसे योद्धाओं से भरा रहता था जो अग्नि के समान प्रचण्ड, छल-कपट से रहित, अपमान सहन न करने वाले तथा शस्त्र-प्रयोग में पारंगत थे, जैसे पर्वत की गुफा सिंहों के समूह से भरी रहती है।
 
Due to their great valour, the city was always filled with warriors who were as fierce as fire, devoid of deceit, incapable of tolerating insults and knowledgeable in the use of weapons, just as a mountain cave is filled with a group of lions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)