Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.6.13: वहाँ रहने वाले ब्राह्मण सदैव अपने कर्मों में लगे रहते थे, अपनी इन्द्रियों को वश में रखते थे, दान और स्वाध्याय करते थे तथा मोहमाया से मुक्त रहते थे ॥13॥   |   ramayan सर्ग 1.6: राजा दशरथ के शासनकाल में अयोध्या और वहाँ के नागरिकों की उत्तम स्थिति का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 6: राजा दशरथ के शासनकाल में अयोध्या और वहाँ के नागरिकों की उत्तम स्थिति का वर्णन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  1.6.13 
स्वकर्मनिरता नित्यं ब्राह्मणा विजितेन्द्रिया:।
दानाध्ययनशीलाश्च संयताश्च प्रतिग्रहे॥ १३॥
 
 
अनुवाद
वहाँ रहने वाले ब्राह्मण सदैव अपने कर्मों में लगे रहते थे, अपनी इन्द्रियों को वश में रखते थे, दान और स्वाध्याय करते थे तथा मोहमाया से मुक्त रहते थे ॥13॥
 
The Brahmins living there were always engaged in their activities, kept their senses under control, did charity and self-study and remained free from the temptations. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)