हे रघुनन्दन! उनके मन में विचार आया कि 'मुझे ऐसा यज्ञ करना चाहिए जिससे मैं इस शरीर सहित देवताओं के परम धाम - स्वर्ग को प्राप्त कर सकूँ।'
O Raghunandan! The thought came to his mind that 'I should perform such a yajna that I can reach the ultimate destination of the gods - heaven along with this body.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥