Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.56.24: इस घटना को अपनी आँखों से देखकर अब मैं अपने मन और इन्द्रियों को शुद्ध करके वह महान तप करूँगा जिससे मुझे ब्राह्मणत्व की प्राप्ति होगी। ॥24॥ | ramayan सर्ग 1.56: विश्वामित्र द्वारा वसिष्ठजी पर नाना प्रकार के दिव्यास्त्रों का प्रयोग,वसिष्ठ द्वारा ब्रह्मदण्ड से ही उनका शमन,विश्वामित्र का ब्राह्मणत्व की प्राप्ति के लिये तप करने का निश्चय । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस घटना को अपनी आँखों से देखकर अब मैं अपने मन और इन्द्रियों को शुद्ध करके वह महान तप करूँगा जिससे मुझे ब्राह्मणत्व की प्राप्ति होगी। ॥24॥
"Having seen this event with my own eyes, I will now purify my mind and senses and perform that great penance which will lead to my attainment of brahminhood." ॥24॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये बालकाण्डे षट्पञ्चाश: सर्ग:॥ ५६॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके बालकाण्डमें छप्पनवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ५६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥