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ramayan 1.55.7: 'विश्वामित्र के उन समस्त पुत्रों को महात्मा वसिष्ठ ने दो घण्टे में ही उनके घोड़ों, रथों और पैदल सेना सहित जलाकर भस्म कर दिया।   |   ramayan सर्ग 1.55: अपने सौ पुत्रों और सारी सेना के नष्ट हो जाने पर विश्वामित्र का तपस्या करके दिव्यास्त्र पाना, वसिष्ठजी का ब्रह्मदण्ड लेकर उनके सामने खड़ा होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 55: अपने सौ पुत्रों और सारी सेना के नष्ट हो जाने पर विश्वामित्र का तपस्या करके दिव्यास्त्र पाना, वसिष्ठजी का ब्रह्मदण्ड लेकर उनके सामने खड़ा होना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.55.7 
ते साश्वरथपादाता वसिष्ठेन महात्मना।
भस्मीकृता मुहूर्तेन विश्वामित्रसुतास्तथा॥ ७॥
 
 
अनुवाद
'विश्वामित्र के उन समस्त पुत्रों को महात्मा वसिष्ठ ने दो घण्टे में ही उनके घोड़ों, रथों और पैदल सेना सहित जलाकर भस्म कर दिया।
 
'All those sons of Viswamitra were burnt to ashes in just two hours by Mahatma Vasishtha, along with their horses, chariots and infantry.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)