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ramayan 1.55.2: 'तब गौ ने पुनः गर्जना की। उसकी गर्जना से सूर्य के समान तेजस्वी कम्बोज उत्पन्न हुआ। उसके हाथों से शस्त्रधारी बर्बर योद्धा प्रकट हुए॥2॥   |   ramayan सर्ग 1.55: अपने सौ पुत्रों और सारी सेना के नष्ट हो जाने पर विश्वामित्र का तपस्या करके दिव्यास्त्र पाना, वसिष्ठजी का ब्रह्मदण्ड लेकर उनके सामने खड़ा होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 55: अपने सौ पुत्रों और सारी सेना के नष्ट हो जाने पर विश्वामित्र का तपस्या करके दिव्यास्त्र पाना, वसिष्ठजी का ब्रह्मदण्ड लेकर उनके सामने खड़ा होना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.55.2 
तस्या हुंकारतो जाता: काम्बोजा रविसंनिभा:।
ऊधसश्चाथ सम्भूता बर्बरा: शस्त्रपाणय:॥ २॥
 
 
अनुवाद
'तब गौ ने पुनः गर्जना की। उसकी गर्जना से सूर्य के समान तेजस्वी कम्बोज उत्पन्न हुआ। उसके हाथों से शस्त्रधारी बर्बर योद्धा प्रकट हुए॥2॥
 
‘Then the cow roared again. From its roar, Kamboja, who was as radiant as the Sun, was born. From his hands, armed Barbarians appeared.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)