श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 54: विश्वामित्र का वसिष्ठजी की गौ को बलपूर्वक ले जाना, गौ का दुःखी होकर वसिष्ठजी से इसका कारण पूछना, विश्वामित्रजी की सेना का संहार करना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.54.8 
भगवन् किं परित्यक्ता त्वयाहं ब्रह्मण: सुत।
यस्माद् राजभटा मां हि नयन्ते त्वत्सकाशत:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! हे ब्रह्मकुमार! क्या आपने मुझे त्याग दिया है, जो ये राजा के सैनिक मुझे आपसे दूर ले जा रहे हैं?॥8॥
 
'Lord! O Brahmakumara! Have you abandoned me, that these king's soldiers are taking me away from you?'॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)