Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.53.9-10h: हे प्रभु! मुझसे एक लाख गौएँ ले लीजिए और यह चित्तीदार गौ मुझे दे दीजिए; क्योंकि यह गौ रत्न के समान है और राजा को इस मणि को लेने का अधिकार है। हे ब्राह्मण! मेरी बात पर ध्यान दीजिए और मुझे यह शबला गौ दीजिए; क्योंकि धर्मानुसार यह मेरी है।॥9 1/2॥ | ramayan सर्ग 1.53: विश्वामित्र का वसिष्ठ से उनकी कामधेनु को माँगना और उनका देने से अस्वीकार करना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गवां शतसहस्रेण दीयतां शबला मम।
रत्नं हि भगवन्नेतद् रत्नहारी च पार्थिव:॥ ९॥
तस्मान्मे शबलां देहि ममैषा धर्मतो द्विज।
अनुवाद
हे प्रभु! मुझसे एक लाख गौएँ ले लीजिए और यह चित्तीदार गौ मुझे दे दीजिए; क्योंकि यह गौ रत्न के समान है और राजा को इस मणि को लेने का अधिकार है। हे ब्राह्मण! मेरी बात पर ध्यान दीजिए और मुझे यह शबला गौ दीजिए; क्योंकि धर्मानुसार यह मेरी है।॥9 1/2॥
‘Lord! Take one lakh cows from me and give me this spotted cow; because this cow is like a gem and the king has the right to take the gem. O Brahman! Pay attention to my statement and give me this Shabla cow; because according to Dharma it is mine.'॥9 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥