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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 1: बाल काण्ड
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सर्ग 53: विश्वामित्र का वसिष्ठ से उनकी कामधेनु को माँगना और उनका देने से अस्वीकार करना
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श्लोक 2
श्लोक
1.53.2
इक्षून् मधूंस्तथा लाजान् मैरेयांश्च वरासवान्।
पानानि च महार्हाणि भक्ष्यांश्चोच्चावचानपि॥ २॥
अनुवाद
उन्होंने गन्ना, शहद, लावा, हरड़, उत्तम मदिरा, पाणक रस आदि अनेक प्रकार के बहुमूल्य खाद्य पदार्थ भेंट किए॥ 2॥
‘He presented various kinds of precious eatables like sugarcane, honey, lava, myrobalan, the best liquor, panak juice etc.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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