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ramayan 1.49.19: तभी देवताओं के नगाड़े बजने लगे। उसी समय आकाश से फूलों की भारी वर्षा होने लगी। गंधर्वों और अप्सराओं ने एक भव्य उत्सव का आयोजन किया।   |   ramayan सर्ग 1.49: इन्द्र को भेड़े के अण्डकोष से युक्त करना,भगवान् श्रीराम के द्वारा अहल्या का उद्धार   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.49.19 
पुष्पवृष्टिर्महत्यासीद् देवदुन्दुभिनि:स्वनै:।
गन्धर्वाप्सरसां चैव महानासीत् समुत्सव:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तभी देवताओं के नगाड़े बजने लगे। उसी समय आकाश से फूलों की भारी वर्षा होने लगी। गंधर्वों और अप्सराओं ने एक भव्य उत्सव का आयोजन किया।
 
At that time the drums of the gods started playing. At the same time a heavy rain of flowers started falling from the sky. A grand celebration was organised by the Gandharvas and Apsaras.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)