श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 48: मुनियों सहित श्रीराम का मिथिलापुरी में पहुँचना, विश्वामित्रजी का उनसे अहल्या को शाप प्राप्त होने की कथा सुनाना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  1.48.13 
तच्छ्रुत्वा राघवेणोक्तं वाक्यं वाक्यविशारद:।
प्रत्युवाच महातेजा विश्वामित्रो महामुनि:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
श्री रामजी का यह प्रश्न सुनकर उपदेश में कुशल महामुनि विश्वामित्र ने इस प्रकार उत्तर दिया-॥13॥
 
On hearing this question of Shri Rama, the great sage Visvamitra, who was skilled in preaching, replied thus -॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)