Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.48.12: ‘प्रभो! यह कैसा स्थान है, जो आश्रम जैसा दिखता है; परन्तु यहाँ एक भी ऋषि दिखाई नहीं देता। मैं सुनना चाहता हूँ कि पहले यह किसका आश्रम था?’॥12॥   |   ramayan सर्ग 1.48: मुनियों सहित श्रीराम का मिथिलापुरी में पहुँचना, विश्वामित्रजी का उनसे अहल्या को शाप प्राप्त होने की कथा सुनाना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 48: मुनियों सहित श्रीराम का मिथिलापुरी में पहुँचना, विश्वामित्रजी का उनसे अहल्या को शाप प्राप्त होने की कथा सुनाना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.48.12 
इदमाश्रमसंकाशं किं न्विदं मुनिवर्जितम्।
श्रोतुमिच्छामि भगवन् कस्यायं पूर्व आश्रम:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
‘प्रभो! यह कैसा स्थान है, जो आश्रम जैसा दिखता है; परन्तु यहाँ एक भी ऋषि दिखाई नहीं देता। मैं सुनना चाहता हूँ कि पहले यह किसका आश्रम था?’॥12॥
 
‘Lord! What kind of a place is this, which looks like an ashram; but not even a single sage is visible here. I want to hear whose ashram this was earlier?’॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)