Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.47.20: यह सुनकर कि राजाओं में श्रेष्ठ, परम तेजस्वी, परम यशस्वी राजा सुमति विश्वामित्रजी पुरी के निकट आये हैं, वे स्वयं उनका स्वागत करने आये ॥20॥ | ramayan सर्ग 1.47: दिति का अपने पुत्रों को मरुद्गण बनाकर देवलोक में रखने के लिये इन्द्र से अनुरोध, इक्ष्वाकु-पुत्र विशाल द्वारा विशाला नगरी का निर्माण । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह सुनकर कि राजाओं में श्रेष्ठ, परम तेजस्वी, परम यशस्वी राजा सुमति विश्वामित्रजी पुरी के निकट आये हैं, वे स्वयं उनका स्वागत करने आये ॥20॥
Hearing that the best among kings, the most brilliant, the most famous King Sumati Vishwamitraji had come near Puri, he himself came to welcome him. 20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥