Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.47.17: ककुत्स्थ के महान तेजस्वी पुत्र सुमति नाम से प्रसिद्ध हैं; जो अत्यंत तेजस्वी और अजेय पराक्रमी हैं। वे ही इस समय इस पुरी में निवास करते हैं॥17॥   |   ramayan सर्ग 1.47: दिति का अपने पुत्रों को मरुद्गण बनाकर देवलोक में रखने के लिये इन्द्र से अनुरोध, इक्ष्वाकु-पुत्र विशाल द्वारा विशाला नगरी का निर्माण   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 47: दिति का अपने पुत्रों को मरुद्गण बनाकर देवलोक में रखने के लिये इन्द्र से अनुरोध, इक्ष्वाकु-पुत्र विशाल द्वारा विशाला नगरी का निर्माण  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.47.17 
तस्य पुत्रो महातेजा: सम्प्रत्येष पुरीमिमाम्।
आवसत् परमप्रख्य: सुमतिर्नाम दुर्जय:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
ककुत्स्थ के महान तेजस्वी पुत्र सुमति नाम से प्रसिद्ध हैं; जो अत्यंत तेजस्वी और अजेय पराक्रमी हैं। वे ही इस समय इस पुरी में निवास करते हैं॥17॥
 
Kakutstha's great brilliant son is famous by the name Sumati; Who is extremely radiant and invincible brave. They are the ones who reside in this Puri at this time. 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)