Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.46.3: ‘मैं तप करूँगी, कृपया मुझे इसकी अनुमति दीजिए और मेरे गर्भ में एक पुत्र दीजिए, जो सब कुछ करने में समर्थ हो और इन्द्र को मार डालने में समर्थ हो।’ ॥3॥ | ramayan सर्ग 1.46: दिति का कश्यपजी से इन्द्र हन्ता पुत्र की प्राप्ति के लिये कुशप्लव में तप, इन्द्र का उनके गर्भ के सात टुकड़े कर डालना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
साहं तपश्चरिष्यामि गर्भं मे दातुमर्हसि।
ईश्वरं शक्रहन्तारं त्वमनुज्ञातुमर्हसि॥ ३॥
अनुवाद
‘मैं तप करूँगी, कृपया मुझे इसकी अनुमति दीजिए और मेरे गर्भ में एक पुत्र दीजिए, जो सब कुछ करने में समर्थ हो और इन्द्र को मार डालने में समर्थ हो।’ ॥3॥
'I will perform penance, please give me permission for this and give me a son in my womb, who will be capable of doing everything and will be able to kill Indra.' ॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥