Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.46.17: उसने अपने केशों को अपने पैरों पर रख लिया था। उसने अपने दोनों पैरों को अपने सिर के सहारे बना लिया था। यह देखकर इंद्र हँसे और यह जानकर बहुत प्रसन्न हुए कि दिति अपवित्र हो गई है। 17. | ramayan सर्ग 1.46: दिति का कश्यपजी से इन्द्र हन्ता पुत्र की प्राप्ति के लिये कुशप्लव में तप, इन्द्र का उनके गर्भ के सात टुकड़े कर डालना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसने अपने केशों को अपने पैरों पर रख लिया था। उसने अपने दोनों पैरों को अपने सिर के सहारे बना लिया था। यह देखकर इंद्र हँसे और यह जानकर बहुत प्रसन्न हुए कि दिति अपवित्र हो गई है। 17.
He had put his hair on his feet. He had made both his feet the support to rest his head. Seeing this, Indra laughed and became very happy, knowing that Diti had become impure. 17.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥