Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.45.43: 'जो दैत्य अविनाशी परमेश्वर भगवान विष्णु के समक्ष बलपूर्वक अमृत छीनने के लिए आये थे, उन्हें उस समय युद्ध में बलवान भगवान विष्णु ने कुचल दिया ॥43॥ | ramayan सर्ग 1.45: देवताओं और दैत्यों द्वारा क्षीर-समुद्र मन्थन, भगवान् रुद्र द्वारा हालाहल विष का पान, देवासुर-संग्राम में दैत्यों का संहार । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये गताभिमुखं विष्णुमक्षरं पुरुषोत्तमम्।
सम्पिष्टास्ते तदा युद्धे विष्णुना प्रभविष्णुना॥ ४३॥
अनुवाद
'जो दैत्य अविनाशी परमेश्वर भगवान विष्णु के समक्ष बलपूर्वक अमृत छीनने के लिए आये थे, उन्हें उस समय युद्ध में बलवान भगवान विष्णु ने कुचल दिया ॥43॥
'The demons who came before the indestructible Supreme Lord Vishnu to snatch the nectar by force, were crushed by the powerful Lord Vishnu in the battle at that time. 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥