Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.45.30-31h: 'तब जगत् के परम आत्मा भगवान् केशव उस पर्वत शिखर को हाथ से पकड़कर देवताओं के बीच में खड़े हो गए और स्वयं समुद्र का मन्थन करने लगे ॥30 1/2॥ | ramayan सर्ग 1.45: देवताओं और दैत्यों द्वारा क्षीर-समुद्र मन्थन, भगवान् रुद्र द्वारा हालाहल विष का पान, देवासुर-संग्राम में दैत्यों का संहार । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'तब जगत् के परम आत्मा भगवान् केशव उस पर्वत शिखर को हाथ से पकड़कर देवताओं के बीच में खड़े हो गए और स्वयं समुद्र का मन्थन करने लगे ॥30 1/2॥
‘Then Lord Keshav, the supreme soul of the world, holding that mountain peak with his hand, stood among the gods and himself started churning the ocean. 30 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥