Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.45.28-29h: तब देवता और गंधर्व भगवान मधुसूदन की स्तुति करने लगे - 'महाबाहो! आप समस्त प्राणियों के मोक्षदाता हैं। विशेषतः आप देवताओं के आधार हैं। कृपया हमारी रक्षा करें और इस पर्वत को उठाएँ।'॥28 1/2॥ | ramayan सर्ग 1.45: देवताओं और दैत्यों द्वारा क्षीर-समुद्र मन्थन, भगवान् रुद्र द्वारा हालाहल विष का पान, देवासुर-संग्राम में दैत्यों का संहार । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब देवता और गंधर्व भगवान मधुसूदन की स्तुति करने लगे - 'महाबाहो! आप समस्त प्राणियों के मोक्षदाता हैं। विशेषतः आप देवताओं के आधार हैं। कृपया हमारी रक्षा करें और इस पर्वत को उठाएँ।'॥28 1/2॥
‘Then the gods and Gandharvas started praising Lord Madhusudan – ‘Mahabaho! You are the salvation of all living beings. In particular, you are the support of the gods. Please protect us and lift this mountain.’॥ 28 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥