Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.45.27: 'रघुनन्दन! तत्पश्चात् देवता और दानव मिलकर क्षीरसागर का मन्थन करने लगे। उस समय मथानी बना हुआ महान् मंदर पर्वत पाताल में प्रविष्ट हो गया। 27॥ | ramayan सर्ग 1.45: देवताओं और दैत्यों द्वारा क्षीर-समुद्र मन्थन, भगवान् रुद्र द्वारा हालाहल विष का पान, देवासुर-संग्राम में दैत्यों का संहार । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'रघुनन्दन! तत्पश्चात् देवता और दानव मिलकर क्षीरसागर का मन्थन करने लगे। उस समय मथानी बना हुआ महान् मंदर पर्वत पाताल में प्रविष्ट हो गया। 27॥
'Ragunandan! After that the gods and demons together started churning the ocean of milk. At that time, the great mountain Mandar, which had become a churner, entered the underworld. 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥