Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.45.11: उस समय परम बुद्धिमान् श्री रामजी ने हाथ जोड़कर महर्षि विश्वामित्र से उस अद्भुत एवं विशाल नगर के विषय में पूछा-॥11॥   |   ramayan सर्ग 1.45: देवताओं और दैत्यों द्वारा क्षीर-समुद्र मन्थन, भगवान् रुद्र द्वारा हालाहल विष का पान, देवासुर-संग्राम में दैत्यों का संहार   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 45: देवताओं और दैत्यों द्वारा क्षीर-समुद्र मन्थन, भगवान् रुद्र द्वारा हालाहल विष का पान, देवासुर-संग्राम में दैत्यों का संहार  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.45.11 
अथ रामो महाप्राज्ञो विश्वामित्रं महामुनिम्।
पप्रच्छ प्राञ्जलिर्भूत्वा विशालामुत्तमां पुरीम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
उस समय परम बुद्धिमान् श्री रामजी ने हाथ जोड़कर महर्षि विश्वामित्र से उस अद्भुत एवं विशाल नगर के विषय में पूछा-॥11॥
 
At that time the supremely intelligent Sri Rama with folded hands asked the great sage Visvamitra about that wonderful and huge city -॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)