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ramayan 1.44.3: 'नरश्रेष्ठ! आपने महात्मा राजा सगर के साठ हज़ार पुत्रों का उद्धार किया। अब वे देवताओं के समान स्वर्ग को प्राप्त हुए हैं।'   |   ramayan सर्ग 1.44: ब्रह्माजी का भगीरथ को पितरों के तर्पण की आज्ञा देना, गंगावतरण के उपाख्यान की महिमा   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.44.3 
तारिता नरशार्दूल दिवं याताश्च देववत्।
षष्टि: पुत्रसहस्राणि सगरस्य महात्मन:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
'नरश्रेष्ठ! आपने महात्मा राजा सगर के साठ हज़ार पुत्रों का उद्धार किया। अब वे देवताओं के समान स्वर्ग को प्राप्त हुए हैं।'
 
'Narshrestha! You saved sixty thousand sons of Mahatma King Sagar. Now they reached heaven like gods. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)