Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.43.7-8: पवित्र गंगा भगवान रुद्र के पवित्र मस्तक पर गिरी। उनका मस्तक जटाओं के रूप में गुफा से सुशोभित हिमालय के समान प्रतीत हो रहा था। उस पर गिरने और विशेष प्रयत्न करने पर भी वह पृथ्वी तक नहीं पहुँच सकी। 7-8. | ramayan सर्ग 1.43: भगीरथ की तपस्या, भगवान् शङ्कर का गंगा को अपने सिर पर धारण करना, भगीरथ के पितरों का उद्धार । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पवित्र गंगा भगवान रुद्र के पवित्र मस्तक पर गिरी। उनका मस्तक जटाओं के रूप में गुफा से सुशोभित हिमालय के समान प्रतीत हो रहा था। उस पर गिरने और विशेष प्रयत्न करने पर भी वह पृथ्वी तक नहीं पहुँच सकी। 7-8.
The holy Ganga fell on the holy head of Lord Rudra. His head looked like the Himalayas adorned with a cave in the form of matted hair. Even after falling on it and making special efforts, she could not reach the earth. 7-8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥