Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.43.26-27h: उस समय पृथ्वी पर निवास करने वाले ऋषि-मुनि और गंधर्व भगवान शंकर के मस्तक से गिरते हुए जल को अत्यंत पवित्र समझकर उसे पीने लगे। | ramayan सर्ग 1.43: भगीरथ की तपस्या, भगवान् शङ्कर का गंगा को अपने सिर पर धारण करना, भगीरथ के पितरों का उद्धार । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय पृथ्वी पर निवास करने वाले ऋषि-मुनि और गंधर्व भगवान शंकर के मस्तक से गिरते हुए जल को अत्यंत पवित्र समझकर उसे पीने लगे।
At that time the sages and Gandharvas residing on the earth, thinking that the water falling from Lord Shankar's head was very sacred, started sipping it. 26 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥