Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.43.14-15: सातवीं धारा राजा भगीरथ के रथ के पीछे बहने लगी। महाबली राजा भगीरथ भी दिव्य रथ पर सवार होकर आगे बढ़े और गंगा उनके मार्ग पर चलने लगीं। इस प्रकार वे आकाश से भगवान शंकर के मस्तक पर और वहाँ से इस पृथ्वी पर आईं। 14-15। | ramayan सर्ग 1.43: भगीरथ की तपस्या, भगवान् शङ्कर का गंगा को अपने सिर पर धारण करना, भगीरथ के पितरों का उद्धार । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सातवीं धारा राजा भगीरथ के रथ के पीछे बहने लगी। महाबली राजा भगीरथ भी दिव्य रथ पर सवार होकर आगे बढ़े और गंगा उनके मार्ग पर चलने लगीं। इस प्रकार वे आकाश से भगवान शंकर के मस्तक पर और वहाँ से इस पृथ्वी पर आईं। 14-15।
The seventh stream started flowing behind the chariot of King Bhagirath. The mighty King Bhagirath also rode on the divine chariot and moved ahead and Ganga started following his path. In this way, she came from the sky to the head of Lord Shankar and from there to this earth. 14-15.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥