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ramayan 1.42.9: हे पुरुषसिंह! उन पितरों के मोक्ष के विषय में कोई निर्णय न कर पाने के कारण राजा दिलीप रोग से पीड़ित होकर मर गए॥9॥   |   ramayan सर्ग 1.42: ब्रह्माजी का भगीरथ को अभीष्ट वर देना, गंगा जी को धारण करने के लिये भगवान् शङ्कर को राजी करना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 42: ब्रह्माजी का भगीरथ को अभीष्ट वर देना, गंगा जी को धारण करने के लिये भगवान् शङ्कर को राजी करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.42.9 
अगत्वा निश्चयं राजा तेषामुद्धरणं प्रति।
व्याधिना नरशार्दूल कालधर्ममुपेयिवान्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषसिंह! उन पितरों के मोक्ष के विषय में कोई निर्णय न कर पाने के कारण राजा दिलीप रोग से पीड़ित होकर मर गए॥9॥
 
O purushsingh! Being unable to reach any decision regarding the salvation of those ancestors, king Dilip became afflicted with disease and died.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)