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द्वात्रिंशच्छतसाहस्रं वर्षाणि सुमहायशा:।
तपोवनगतो राजा स्वर्गं लेभे तपोधन:॥ ४॥
अनुवाद
महान एवं यशस्वी राजा अंशुमान ने उस आश्रम में जाकर बत्तीस हजार वर्षों तक तपस्या की। तपस्या के धन से समृद्ध होकर उस राजा ने वहीं अपना शरीर त्याग दिया और स्वर्ग को प्राप्त हुए।
The great and famous king Anshuman went to that hermitage and meditated for thirty-two thousand years. Enriched with the wealth of penance, that king left his body there and attained heaven.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥