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ramayan 1.42.22: हे इक्ष्वाकुवंश की वृद्धि करने वाले महाबली भगीरथ! आप उन्नति करें। आपकी यह महान् इच्छा इसी प्रकार पूर्ण हो। 22.   |   ramayan सर्ग 1.42: ब्रह्माजी का भगीरथ को अभीष्ट वर देना, गंगा जी को धारण करने के लिये भगवान् शङ्कर को राजी करना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.42.22 
मनोरथो महानेष भगीरथ महारथ।
एवं भवतु भद्रं ते इक्ष्वाकुकुलवर्धन॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे इक्ष्वाकुवंश की वृद्धि करने वाले महाबली भगीरथ! आप उन्नति करें। आपकी यह महान् इच्छा इसी प्रकार पूर्ण हो। 22.
 
'O mighty warrior Bhagiratha who increased the Ikshwaku dynasty! May you prosper. May this great desire of yours be fulfilled in this manner. 22.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)