Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.42.17: तब महाबली, पराक्रमी और पराक्रमी भगीरथ हाथ जोड़कर उनके सामने खड़े हो गए और सम्पूर्ण लोकों के पिता ब्रह्माजी से इस प्रकार बोले- ॥17॥   |   ramayan सर्ग 1.42: ब्रह्माजी का भगीरथ को अभीष्ट वर देना, गंगा जी को धारण करने के लिये भगवान् शङ्कर को राजी करना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 42: ब्रह्माजी का भगीरथ को अभीष्ट वर देना, गंगा जी को धारण करने के लिये भगवान् शङ्कर को राजी करना  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.42.17 
तमुवाच महातेजा: सर्वलोकपितामहम्।
भगीरथो महाबाहु: कृताञ्जलिपुट: स्थित:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
तब महाबली, पराक्रमी और पराक्रमी भगीरथ हाथ जोड़कर उनके सामने खड़े हो गए और सम्पूर्ण लोकों के पिता ब्रह्माजी से इस प्रकार बोले- ॥17॥
 
Then the mighty, powerful and powerful Bhagiratha stood in front of him with folded hands and spoke thus to Brahma, the father of all the worlds – ॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)