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ramayan 1.41.7: वहाँ पराक्रमी योद्धा ने एक विशालकाय व्यक्ति को देखा जिसकी पूजा देवता, दानव, पिशाच, भूत, पक्षी और नाग कर रहे थे।   |   ramayan सर्ग 1.41: सगर की आज्ञा से अंशुमान् का रसातल में जाकर घोड़े को ले आना और अपने चाचाओं के निधन का समाचार सुनाना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 41: सगर की आज्ञा से अंशुमान् का रसातल में जाकर घोड़े को ले आना और अपने चाचाओं के निधन का समाचार सुनाना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.41.7 
देवदानवरक्षोभि: पिशाचपतगोरगै:।
पूज्यमानं महातेजा दिशागजमपश्यत॥ ७॥
 
 
अनुवाद
वहाँ पराक्रमी योद्धा ने एक विशालकाय व्यक्ति को देखा जिसकी पूजा देवता, दानव, पिशाच, भूत, पक्षी और नाग कर रहे थे।
 
There the mighty warrior saw a giant who was being worshipped by gods, demons, devils, ghosts, birds and serpents. 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)