श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 41: सगर की आज्ञा से अंशुमान् का रसातल में जाकर घोड़े को ले आना और अपने चाचाओं के निधन का समाचार सुनाना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  1.41.26 
अगत्वा निश्चयं राजा कालेन महता महान्।
त्रिंशद्वर्षसहस्राणि राज्यं कृत्वा दिवं गत:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
बहुत समय तक विचार करने पर भी वह कोई निश्चित उपाय न पा सका और तीस हजार वर्ष तक राज्य करने के बाद वह स्वर्गलोक को चला गया॥ 26॥
 
Even after contemplating for a long time he could not find any definite solution and after ruling for thirty thousand years he went to heaven.॥ 26॥
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये बालकाण्डे एकचत्वारिंश: सर्ग:॥ ४१॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके बालकाण्डमें इकतालीसवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ४१॥
 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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