Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.41.25: यज्ञ पूरा करके पृथ्वी के स्वामी राजा सगर अपनी राजधानी को लौट आए और वहाँ पहुँचकर उन्होंने गंगाजी को लाने के विषय में बहुत सोचा; परन्तु वे किसी निर्णय पर न पहुँच सके॥ 25॥ | ramayan सर्ग 1.41: सगर की आज्ञा से अंशुमान् का रसातल में जाकर घोड़े को ले आना और अपने चाचाओं के निधन का समाचार सुनाना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्वपुरं त्वगमच्छ्रीमानिष्टयज्ञो महीपति:।
गंगायाश्चागमे राजा निश्चयं नाध्यगच्छत॥ २५॥
अनुवाद
यज्ञ पूरा करके पृथ्वी के स्वामी राजा सगर अपनी राजधानी को लौट आए और वहाँ पहुँचकर उन्होंने गंगाजी को लाने के विषय में बहुत सोचा; परन्तु वे किसी निर्णय पर न पहुँच सके॥ 25॥
After completing the yagya, the lord of the earth, King Sagara returned to his capital. On reaching there, he thought a lot about bringing Gangaji; but he could not reach any decision.॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥