श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 41: सगर की आज्ञा से अंशुमान् का रसातल में जाकर घोड़े को ले आना और अपने चाचाओं के निधन का समाचार सुनाना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.41.19 
गंगा हिमवतो ज्येष्ठा दुहिता पुरुषर्षभ।
तस्यां कुरु महाबाहो पितॄणां सलिलक्रियाम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
'नरश्रेष्ठ! हे श्रेष्ठ भुजाओं! हिमवान की ज्येष्ठ पुत्री गंगाजी के जल से अपने इन चाचाओं का तर्पण करो।' 19॥
 
'Narshrestha! Great arms! Offer water to these uncles of yours with the water of Gangaji, the eldest daughter of Himavan. 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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