श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 41: सगर की आज्ञा से अंशुमान् का रसातल में जाकर घोड़े को ले आना और अपने चाचाओं के निधन का समाचार सुनाना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  1.41.15 
स तेषां राजपुत्राणां कर्तुकामो जलक्रियाम्।
स जलार्थी महातेजा न चापश्यज्जलाशयम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
महाबली अंशुमान ने राजकुमारों को नमस्कार करने के लिए जल चाहा, परन्तु उन्हें कहीं भी जल का स्रोत नहीं मिला ॥15॥
 
The mighty Anshuman desired water to offer his obeisance to the princes, but he could not find any water body anywhere. ॥ 15॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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