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ramayan 1.41.14: शोक और शोक में डूबे हुए सिंह-पुरुष अंशुमान ने यज्ञ में प्रयुक्त अपने घोड़ों को पास ही चरते देखा।   |   ramayan सर्ग 1.41: सगर की आज्ञा से अंशुमान् का रसातल में जाकर घोड़े को ले आना और अपने चाचाओं के निधन का समाचार सुनाना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.41.14 
यज्ञियं च हयं तत्र चरन्तमविदूरत:।
ददर्श पुरुषव्याघ्रो दु:खशोकसमन्वित:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
शोक और शोक में डूबे हुए सिंह-पुरुष अंशुमान ने यज्ञ में प्रयुक्त अपने घोड़ों को पास ही चरते देखा।
 
The lion-man Anshuman, drowned in grief and sorrow, saw his horses used for the sacrifice grazing nearby.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)