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ramayan 1.41.12: उनका आशीर्वाद सुनकर अंशुमान शीघ्रता से उस स्थान की ओर बढ़े, जहां उनके चाचा, सगर के पुत्र, राख से लिपटे हुए पड़े थे।   |   ramayan सर्ग 1.41: सगर की आज्ञा से अंशुमान् का रसातल में जाकर घोड़े को ले आना और अपने चाचाओं के निधन का समाचार सुनाना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 41: सगर की आज्ञा से अंशुमान् का रसातल में जाकर घोड़े को ले आना और अपने चाचाओं के निधन का समाचार सुनाना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.41.12 
तेषां तद् वचनं श्रुत्वा जगाम लघुविक्रम:।
भस्मराशीकृता यत्र पितरस्तस्य सागरा:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
उनका आशीर्वाद सुनकर अंशुमान शीघ्रता से उस स्थान की ओर बढ़े, जहां उनके चाचा, सगर के पुत्र, राख से लिपटे हुए पड़े थे।
 
After listening to his blessings, Anshuman quickly moved forward to the place where his uncle, the son of Sagara, was lying covered in ashes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)